विमानन उद्योग की मुश्कलें खत्म होने का नाम नहीं लेतीं,बजट से ऐन पहले भारतीय विमानन उद्योग पर निजीकरण और विदेशी पूंजी का भयंकर दबाव!
विमानन उद्योग की मुश्कलें खत्म होने का नाम नहीं लेतीं,बजट से ऐन पहले भारतीय विमानन उद्योग पर निजीकरण और विदेशी पूंजी का भयंकर दबाव!
मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
किंगफिशर गर्ल पूनम पांडे का कहना है कि वह अपने फैन्स के साथ टि्वटर पर होली खेलेंगी।जबकि पायलटों और कर्मचारियों को महीनों से वेतन बंद है। हड़तालों का भी अब कोई असर नहीं होता। विमाननउद्योग की मुश्कलें खत्म होने का नाम नहीं लेतीं।बजट से ऐन पहले भारतीय विमानन उद्योग पर निजीकरण और विदेशी पूंजी का भयंकर दबाव है।फिलहाल देश के विमानन उद्योग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी नहीं है। लेकिन सरकार जल्द ही इस प्रस्ताव को अनुमति दे सकती है। वेतन और भत्तों के भुगतान में देरी के मद्देनजर एयर इंडिया के पायलटों के एक वर्ग ने आगामी पहली अप्रैल से काम पर नहीं आने की चेतावनी दी है।तो दूसरी ओर तो अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने अपने ट्रैवल एजेंटों से वित्तीय संकट से जूझ रही निजी विमानन कम्पनी किंगफिशर के लिए टिकटों की बुकिंग न करने के लिए कहा है। उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।इसके पहले खबर मिली थी कि आयकर विभाग ने किंगफिशर एयरलाइंस के 19 खातों पर रोक लगाई है। पेमेंट नहीं होने की वजह से आयल कंपनी एचपीसीएल ने किंगफिशर एअरलाइंस को तेल की सप्लाई रोक दी है। गौरतलब है कि घरेलू विमानन कंपनियों के साथ दुनिया के अन्य देशों की एयरलाइंस कंपनियों की स्थिति भी खराब है। यह विमानन कंपनियों को हो रहे घाटे से पता चलता है।उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा है कि खस्ताहाल विमानन उद्योग को उबारने के लिए इसमें निजी निवेश को आकर्षित करने के प्रयास तेज होने चाहिए। इसके साथ ही एयरपोर्ट शुल्क के मौजूदा ढांचे में भी बदलाव आवश्यक है।
अपना हॉट वीडियो पोस्ट करने से पहले पूनम अपने फैन्स से होली की तैयारियों के बारे में भी पूछ रही है साथ ही बिकनी में होली की तस्वीरें भी पोस्ट कर रही हैं। ट्विटर पर जारी किए गए पूनम पांडे के हॉट, हॉटर, हॉटेस्ट वीडियो को यू-ट्यूब ने फौरन हटा दिया। बहुत इंतजार के बाद आखिरकार मॉडल पूनम पांडे ने ट्विटर पर अपना वीडियो अपलोड किया। लेकिन वीडियो आपत्तिजनक होने के कारण ये कुछ ही मिनटों के लिए यू-ट्यूब पर रह पाया। होली का ये वीडियो जारी करने से पहले पूनम हर एक मिनट अपने फैन्स के लिए ट्वीट करती रही जिससे कि सबकी उत्सुकता बनी रही।पूनम ने अपने ट्वीट किया दोस्तों आपके होली की क्या तैयारियां हैं? पूनम ने ट्विटर पर लिखा है ट्वीटहार्ट जल्द ही कुछ नया अनुभव करने के लिए तैयार रहिए। इस बार आप सब के लिए हॉट से भी ज्यादा हॉट सरप्राइज है।तस्लीमा नसरीन के बाद टिप्पणी करनेवाली अदाकारा चित्रांगदा सिंह को उन्होंने करारा जबाव दिया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि ईर्ष्या के कारण वह (चित्रांगदा ) भौंक रही हैं। अपने ट्विट में पहले पूनम ने लिखा कि वह बहुत खुश है कि लोग उसका नाम लेकर पब्लिसिटी पा रहे हैं। मालूम हो कि चित्रांगदा सिंह ने कहा था कि पूनम पांडे का मुकाबला कौन करेगा जब वह कबड्डी मैच के लिए भी कपड़े उतारने को तैयार है। । चित्रांगदा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पूनम को आड़े हाथों लेते हुए लिखा है कि पूनम पाण्डेय से कैसा कॉम्पिटिशन! वो तो कबड्डी मैचों के लिए भी अपने कपड़े उतारने को तैयार हैं। चित्रांगदा ने आगे लिखा है कि मैं पूनम से कभी मिली नहीं और न ही मुझे उनसे कोई लेना-देना है।
केन्द्र की विमानन कंपनियों को सीधे जेट ईंधन आयात करने की अनुमति देने से राज्यों को सालाना 2500 करोड़ रुपए के कर राजस्व का नुकसान होगा। ऊपर से बीमार विमानन कंपनियों के बेलआउट का दबाव। क्या करेंगे आखिर वित्त मंत्री? उद्योगजगत का सीधा फार्मूला है विदेशी निवेश और एअर इंडिया का विनिवेश। सरकार ने तो पहले ही विदेशी कंपनियों के लिए आसमान खुल्ला छोड़ दिया। एयरपोर्ट शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव से विमानन कंपनियों का संकट और बढ़ गया है।राज्यों में क्षेत्रीय दलों के बढ़ते वर्चस्व की स्थिति में राज्यों को राजस्व नुकसान की कीमत पर विमनन कंपनियों को कब तक राहत देती रहेगी सरकार निजी कंपनियों को बेल आउट के प्रचार से भी माहौल वित्तमंत्री के खिलाफ हो गया है जबकि विमानन मंत्री अजित सिह ने निजी कंपनियों को बेल आउट की संभावना से सिरे से इंकार कर दिया है। नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार विमानन कंपनी को राहत पैकेज नहीं देगी। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कोई भी सरकार राहत पैकेज नहीं देगी। सरकार इसके लिए बैंक या निजी उद्योग से कुछ नहीं कहेगी।मंदी की मार से जूझ रही जेट और किंगफिशर एयरलाइंस के स्टॉफ को दो माह से वेतन के लाले पड़े हुए हैं। खबर है कि मंदी से हलकान हो चुकी ये दोनों एयरलाइंस अपने 18000 कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से वेतन का भुगतान नहीं कर रही है।
रेटिंग एजेन्सी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स [एसएंडपी] ने कहा है कि दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड [डायल] के शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव को नियामक द्वारा मंजूर किए जाने से ढाचागत परियोजनाएं व नागर विमानन क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। एसएंडपी के साख विश्लेषक राजीव विश्वनाथन ने रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट में कहा है कि हमारे विचार से, साख की गुणवत्ता और कुछ बजट विमानन कंपनियों की क्षमता पर ऊंचा शुल्क नकारात्मक असर डालेगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन करने वाली बड़ी एयरलाइनें दिल्ली के लिए उड़ानों की संख्या घटा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि ये एयरलाइनें दिल्ली के लिए परिचालन बंद नहीं करेंगी और न ही अपने केंद्र कम लागत वाले हवाईअड्डों पर ले जाएंगी।रिपोर्ट के मुताबिक, इस निर्णय से भारत में विनियमित अधिक पूंजी वाली परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी प्रभावित हो सकती है।नकदी संकट में फंसी निजी क्षेत्र की एयरलाइन किंगफिशर ने विदेशी विमानन कंपनियों को भारत के उड्डयन क्षेत्र में निवेश की अनुमति दिए जाने की मांग की है। ऐसे में उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि वह जल्द इस मसले पर अंतर मंत्रालयी विचार विमर्श शुरू करेगा।
मालूम हो कि हाल में वैश्विक एयरलाइन उद्योगों के संगठन ने भारत जैसे देशों की सरकारों से कहा है कि वे विमानन क्षेत्र का इस्तेमाल रणनीतिक परिसंपत्ति के रुप में करें और ऐसी नीतियां बनाएं जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़े।अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) के महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टोनी टायलर ने कहा है कि विमानन क्षेत्र में इतनी क्षमता है जिसका अभी पूरा तरह दोहन नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि जब उद्योग और सरकार के बीच संबंध ठीक से काम करते हैं, तो नतीजे बेहतरीन होते हैं। विमानन क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने वाली नीतियों से अर्थव्यवस्थाओं को व्यापक फायदा होता है और कारोबार का जुड़ाव बाजार से होता है।आईएटीए द्वारा कराए गए ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स अध्ययन के अनुसार, सिंगापुर में सरकार विमानन उद्योग को रणनीतिक समर्थन देती है। इस वजह से विमानन क्षेत्र ने वहां 1,19,000 गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं, वहीं साथ ही विमानन क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में 5.4 प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
मालूम हो कि हड़ताल की धमकी एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय से पहले पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था इंडियन पायलट गिल्ड ने दी है। इस सिलसिले में गिल्ड ने नागर विमानन मंत्री चौ. अजित सिंह और श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है।समाचार एजेंसी पी टी आई के अनुसार इंडियन पायलट्स गिल्ड ने नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह और श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे एक ख़त में कहा है कि "आर्थिक परेशानियों" के कारण उनकी उड़ान भर सकने की क्षमता पर "विपरीत प्रभाव" पड़ सकता है जिससे यात्रियों की जान पर ख़तरा बन सकता है।इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने किंगफ़िशर को अपनी उस व्यवस्था से अलग कर दिया है, जिसके तहत वह अपने भुगतानों को वैश्विक स्तर पर समायोजित कर सकता था। आईएटीए के संयुक्त निदेशक एलबर्ट टीजोएंग का कहना है कि यह निर्णय समय पर वैश्विक भुगतान न निपटाने की वजह से हुआ है।
ईंधन संकट और हवाई अड्डा शुल्क में वृद्धि से खस्ताहाल भारती. विमानन कंपनियों की उड़ानें प्रभावित होने लगी है। पिछले दिनों किंग फिशर बुरीतरह इस संकट का शिकार हुआ। हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण ने प्रारंभिक तौर पर दिल्ली हवाई अड्डा शुल्क को आठ गुणा बढ़ने का संकेत दिया है। जबकि दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने इसमें 774 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। डायल ने इस वृद्धि प्रस्ताव को उचित ठहराया है। अधिकारियों के मुताबिक इस वृद्धि का विमानन कंपनियों पर ज्यादा असर नहीं होगा, जबकि इससे भारतीय विमानपतन प्राधिकरण की आय बढ़ेगी।
ये भारतीय व्यावयासिक एयरलाइंस उद्योग के लिए दिक्कत का समय हो सकता है, लेकिन निजी जेट का कारोबार अब भी ऊंची उड़ान भरने में लगा हुआ है। अपनी उडा़नों को कम करने वाली सामान्य एयरलाइंसों के विपरीत मुंबई की एक कंपनी अपनी जेट-फोर-हायर सेवा शुरू करने जा रही है। ये प्रमुख रूप से भारत के अमीर और शक्तिशाली समूह के दूसरे सोपान पर निशाना साधे हुए है।इसे एक "व्यावहारिक लक्ज़री" समझिए," इनविज़न एयर सर्विसेज़ प्राइवेट के सह-संस्थापक विनीत पाठक ने कहा। पिछले छह वर्षों के दौरान भारत में जो छोटी-छोटी एयर चार्टर कंपनियां उभरकर सामने आई हैं, इनविज़न उनमें एक है।
आर्थिक तंगी में चल रही किंगफिशर एयरलाइंस की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है।किंगफिशर एयरलाइंस ने अब तक 23 करोड़ रुपये का ही आयकर भरा है। जबकि, कंपनी पर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनकम टैक्स बकाया है।आईएटीए ने भुगतान न कर पाने के कारण संकटग्रस्त किंगफिशर एयरलाइन्स की टिकटें बेचने से यात्री एजेंटों को मना किया है। आईएटीए ने बुधवार को किंगफिशर एयरलाइन्स को महीने भर में दूसरी बार निलंबित कर दिया है। इससे कंपनी उस प्रणाली में भागीदारी से वंचित हो जाएगी जिसके तहत विमानन कंपनियां वैश्विक स्तर पर एक.दूसरे के बिलों का भुगतान करती हैं।इन विकट परिस्थितियों में कर्ज में डूबी किंगफिशर एयरलाइंस ने आखिरकार कंपनी के बंद होने का अहसास होने लगा है। कंपनी के अनुसार किंगफिशर की इस खस्ताहाल स्थिति में ज्यादा दिनों तक प्लेन चलाना संभव नहीं है। इसको लेकर माल्या की इस कंपनी ने पहली बार बंद होने की चेतावनी दी है। सूत्रों के मुताबिक, विजय माल्या की किंगफिशर के सीईओ संजय अग्रवाल ने पायलटों के साथ बैठक में कुछ ऐसे ही इशारे किये हैं।किंगफिशर के सीईओ संजय अग्रवाल ने पायलटों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने कड़े रुख में यह चेतावनी है दी कि अगर पायलट काम पर नहीं लौटे तो एयरलाइंस को बंद करने की नौबत आ जाएगी।समय से वेतन नहीं मिलने के कारण किंगफिशर के कई पायलटों ने विरोध में काम बंद कर रखा है। वहीं इस चेतावनी के साथ पायलटों को वेतन देने का कोई आश्वासन नहीं दिया गया।
संकट में घिरी एअरलाइंस ने बहरहाल कहा है कि जैसे ही टैक्स एजेंसियां कंपनी के बैंक खातों से रोक हटाएंगी भुगतान कर दिया जाएगा। एक माह में यह दूसरा मौका है जब किंगफिशर को आईएटीए से इसी वजह से निलंबित किया गया है। इस संस्था के जरिए विमानन कंपनियां एक दूसरे को दी जाने वाली सेवाओं का लेन देन तय करते हैं।किंगफिशर एअरलाइंस के कई खाते आयकर विभाग, सर्विस टैक् और एक्साइज तथा कस्टम विभाग ने भुगतान नहीं होने की वजह से सील कर रखे हैं। सिंगापुर से जारी बयान में आईएटीए के सहायक निदेशक (कारपोरेट कम्यूनिकेशन) अल्बर्ट जोंग ने कहा कि निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं करने की वजह से किंगफिशर को संस्था से सस्पेंड कर दिया गया है। जैसे ही भुगतान होगा किंगफिशर को फिर से संस्था में ले लिया जाएगा।
वहीं आयकर विभाग भी देनदारियों को लेकर किंगफिशर एयरलाइंस की संपत्तियों को जब्त करने की योजना बना रहा है। ऐसे में किंगफिशर एयरलाइंस का भविष्य खतरे में लग रहा है। इसके अलावा यूबी ग्रुप के भी खातों पर रोक लगाई जा सकती है।
इसके पहले सर्विस टैक्स विभाग किंगफिशर एयरलाइंस के 44 खातों पर रोक लगाई हुई है। किंगफिशर एयरलाइंस को मार्च अंत तक 60 करोड़ रुपये बतौर सर्विस टैक्स चुकाने हैं।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स (आईएटीए) ने किंगफिशर एयरलाइंस को सस्पेंड किया है। आईएटीए किंगफिशर एयरलाइंस को चेतावनी दे चुका था। अब ट्रैवल एजेंट किंगफिशर एयरलाइंस के टिकट की बुकिंग नहीं कर पाएंगे।
फिर भी उद्योग के लिए अच्छी खबर यह है कि देश में ऐसे समय जबकि एयर इंडिया और किंगफिशर जैसी बड़ी कंपनिया घाटे से जूझ रही हैं 'इंडिगो' बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की दूसरी बड़ी एयरलाइन कंपनी बनकर उभरी है। कड़ी प्रतिस्पर्द्धा और विमानन उद्योग में आयी सुस्ती के बावजूद इंडिगो देश की उन छह एयरलाइन कंपनियों में शुमार हो चुकी है जो आज की तारीख में मुनाफा कमा रही हैं।
इंडिगो के अध्यक्ष आदित्य घोष के मुताबिक कंपनी ने यह कामयाबी किंगफिशर और जेटएयरवेज जैसी कंपनियों से मिली कड़ी प्रतिस्पर्द्धा के बीच हासिल किया है। कंपनी ने किफायती किराया सेवा देने के बावजूद अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को कड़ी टक्कर दी है।
इंडिगो की घरेलू एयरलाइन बाजार में फिलहाक 21 फीसदी की हिस्सेदारी है। जबकि वर्ष 2010 में यह महज 17 फीसदी थी। कंपनी ने अपनी सेवाएं और बेहतर बनाने के लिए पिछले साल अपने विमान बेडे में 16 अरब डॉलर की लागत से 18 'एयरबस-320' विमानों को शामिल किया है।
हालांकि जानकारों का कहना है कि इंडिगो भी विमान ईंधन की ऊंची कीमतें तथा परिचालन खर्चों में बढोतरी की चुनौतियों से जूझ रही हैं।
इस बीच एयर इंडिया के सिंगापुर कार्यालय में कार्यरत इसके नौ पूर्व कर्मचारियों ने मुआवजे की लड़ाई जीत ली है।
एयर इंडिया से छंटनी किए जाने के बाद इन कर्मचारियों ने यहां की औद्योगिक मध्यस्थता अदालत (आईएसी) की शरण ली थी। आईएसी में जीत के बाद अब इन कर्मचारियों को 25,667 सिंगापुर डॉलर का मुआवजा मिल सकेगा।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, अदालत ने कहा कि अनुबंध के प्रावधानों के मुताबिक इन कर्मचारियों को जितनी तनख्वाह मिलनी चाहिए थी एयरलाइन उन्हें इससे कम का भुगतान कर रहा था।
दि स्ट्रेटस टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला तब सुलझा जब राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के अध्यक्ष रहे जॉन डी पाव्या को दिन भर चली सुनवाई में तलब किया गया ताकि वह अनुबंध से जुड़े मामले में स्पष्टीकरण दे सकें।
वैश्विक स्तर पर विमानन कंपनियों को वर्ष 2011 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 2010 की इसी तिमाही के मुकाबले 60 प्रतिशत घटा है। यात्रियों की मांग में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद कंपनियों का लाभ घटा है।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के आंकड़ों के अनुसार, ईंधन लागत बढ़ने से कंपनियों के माजिर्न पर असर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर यात्री मांग में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई लेकिन हवाई माल ढुलाई के मामले में 2011 की चौथी तिमाही में 8 प्रतिशत की गिरावट आई है।
आंकड़ों के अनुसार ब्राजील, चीन तथा भारत में अच्छी मांग से घरेलू यातायात जनवरी 2011 के मुकाबले 6.1 प्रतिशत बढ़ा। आईएटीए की रिपोर्ट के अनुसार 2010 की चौथी तिमाही की तुलना में 2011 की चौथी तिमाही में विमानन कंपनियों का लाभ 60 प्रतिशत घटा है। मुख्य रूप से ईंधन की लागत बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ा है।
एसोचैम ने भारतीय विमान पतन आर्थिक नियामक प्राधिकरण (एईआरए) को भेजे ज्ञापन में कहा है कि उड्डयन क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों को समझने के लिए सभी संबद्ध पक्षों और हितधारकों का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। इसके साथ ही एयरपोर्ट के बेहतर परिचालन के लिए ढांचागत सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए सरकारी और निजी भागीदारी के जरिए ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करने के उपाय होने चाहिए।एसोचैम के मुताबिक, 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान देश में एयरपोर्ट के विकास के लिए 67,500 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी। इसमें से करीब 50 हजार करोड़ रुपये निजी क्षेत्र की ओर से आना जरूरी है। उद्योग संगठन के अनुसार दिल्ली एयरपोर्ट का परिचालन करने वाली कंपनी 'डायल' को एयरपोर्ट शुल्क की एकरूपता के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी के प्रमोटर 4.29 करोड़ शेयरों की अतिरिक्त हिस्सेदारी के बदले कंपनी में 100 करोड़ रुपये पूंजी डालने को राजी हो गए हैं। यह इक्विटी शेयर 5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है।
इस निवेश के साथ स्पाइसजेट में कलानिधि मारन और उनके परिवार की हिस्सेदारी बढ़कर 48 . 6 फीसदी पहुंच जाएगी। स्पाइसजेट के मुख्य कार्यकारी नील मिल्स ने बताया, 'शुक्रावार को हमारे बोर्ड की बैठक हुई जिसमें प्रवर्तकों को 4.29 करोड़ तरजीही (फेवर्ड) शेयर या 5 फीसदी हिस्सेदारी आवंटित करने का निर्णय किया गया। इस हिस्सेदारी का मूल्य 100 करोड़ रुपये है।'
उन्होंने कहा, 'इससे विमानन कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी पहुंच जाएगी।' स्पाइसजेट में नया पूंजी निवेश ऐसे समय में किया जा रहा है जब प्रतिस्पर्धी कंपनी किंगफिशर एयरलाइन नकदी संकट से जूझ रही है।
चेन्नै स्थित स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी जनवरी में 16.3 फीसदी रही जिससे यह सात विमानन कंपनियों में चौथी सबसे बड़ी और बजट विमानन कंपनियों में दूसरी सबसे बड़ी विमानन कंपनी रही। गौरतलब है कि अमेरिकी इन्वेस्टर विल्बर रोज से स्पाइसजेट में हिस्सेदारी खरीदने के बाद नवंबर, 2010 में मारन कंपनी के चेयरमैन बन गए।
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