| Monday, 19 March 2012 09:20 |
बंगलूर, 19 मार्च (एजेंसी)। आधे विधायकों का समर्थन प्राप्त होने का दावा करने के साथ पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने पार्टी आलाकमान से 48 घंटे के अंदर पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की है। इस तरह येदियुरप्पा की ओर से अपना सत्ता संघर्ष तेज करने के साथ ही कर्नाटक की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार संकट में फंस गई है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर उन्हें फिर से आसीन करने के लिए येदियुरप्पा ने पार्टी आलाकमान के लिए तीसरी बार समय सीमा तय की है। इससे पहले उन्होंने 14 जनवरी और 27 फरवरी तक की समय सीमा तय की थी जिसे भाजपा ने नजरअंदाज कर दिया था। येदियुरप्पा दलील दे रहे हैं कि भाजपा नेतृत्व को उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने के अपने वादे को पूरा करना चाहिए। उसने उन्हें आश्वासन दिया था कि अगर हाई कोर्ट अवैध खनन मामले में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी खारिज कर देता है तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन कर दिया जाएगा। आठ मार्च को हाई कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दोषमुक्त कर दिया था। अवैध खनन के मुद्दे पर लोकायुक्त की रिपोर्ट में येदियुरप्पा का नाम आने पर काफी राजनीतिक शोर शराबा हुआ था और केंद्रीय नेतृत्व को उन्हें जुलाई, 2011 में मुख्यमंत्री की कुर्सी से इस्तीफा देने के लिए बाध्य करना पड़ा था। जब भाजपा ने कर्नाटक के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के लिए 24 फरवरी को चिंतन बैठक आयोजित की थी, तब येदियुरप्पा ने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के समक्ष अपने समर्थक विधायकों की परेड कराने की योजना बनाई थी लेकिन पार्टी अध्यक्ष की चेतावनी के बाद उन्हें अपनी यह योजना टालनी पड़ी। हाई कोर्ट से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले निरस्त करने के बाद येदियुरप्पा ने उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन इसी बीच सुप्रीम कोर्ट की ओर से निुयक्त केंद्रीय उच्चाधिकार समिति ने अवैध खनन की जांच के सिलसिले में उन्हें उसके समक्ष पेश होने का शनिवार को समन दिया जो उनके लिए एक बहुत बड़ा झटका है। |
Sunday, March 18, 2012
भाजपा संकट में, येदियुरप्पा ने दिया अल्टीमेटम
भाजपा संकट में, येदियुरप्पा ने दिया अल्टीमेटम
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