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THE HIMALAYAN DISASTER: TRANSNATIONAL DISASTER MANAGEMENT MECHANISM A MUST

We talked with Palash Biswas, an editor for Indian Express in Kolkata today also. He urged that there must a transnational disaster management mechanism to avert such scale disaster in the Himalayas. http://youtu.be/7IzWUpRECJM

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

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Saturday, September 21, 2013

जुबान खोलकर शारदा मामले में फंस गये सांसद कुणाल घोष,शताब्दी भी लपेट में।विधायक शिखा मित्र निलंबित!

जुबान खोलकर शारदा मामले में फंस गये सांसद कुणाल घोष,शताब्दी भी लपेट में।विधायक शिखा मित्र निलंबित!


एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास​


29 अप्रैल को हुए शारदा फर्जीवाड़े मामले के भंडाफोड़ के साढ़े चार महीने बाद तृणमूल सांसद से इस मामले में ाखिर पुलिस ने पूछताछ शुरु कर दी है। घोष शारदा मीडिया समूह के सीईओ रहे हैं और आरोप है कि मुकुल राय और उनकी सलाह के मुताबिक सारे सबूत मिटाने के बाद साबीआई को चिट्ठी लिखकर शारदा कर्णधार सुदीप्तो सेन अपनी खासमखास के साथ कोलकाता से गायब हुए और उन्हींके दिशानिर्देश के मुताबिक नेपाल के सुरक्षित ठिकाने से निकलकर गिरफ्तार भी हो गये।पंचायत चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की एकतरफा जीत के बाद शारदा मामला ठंडा पड़ गया था और अभीतक इस मामले से जुड़े मंत्रियों,सांसदों ौर दूसरे नेताओं से पुलिस ने कोई पूछताछ भी नहीं की।


आ बैल मुझे मार


आ बैल मुझे मार के तेवर के साथ अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर घोष ने सांसद शताब्दी राय और सांसद तापस पाल की मौजूदगी में बागी सांसद सोमेनमित्र व उनकी पत्नी बागी विधायक शिखा मित्र की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में आरोप लगा दिया कि उनके कंधे पर बंदूक रखकर शारदा मामले को रफा दफा किया जा रहा है। इस मामले में सांसद शताब्दी राय का नाम भी आया है, जाहिर है कि कुणाल को घेरने के बाद शताब्दी भी लपेटे में आने वाली हैं। सोमेन मित्र के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है लेकिन उनकी पत्नी शिखा को पार्टी ने निलंबित कर दिया।


मुआवजे के  ऐलान के बाद सनसनी


कुणाल घोष ने यह सनसनी तब फैलायी जबकि दुर्गापुर विमाननगरी को काजी नजरुल इस्लाम को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शारदा फर्जीवाड़े के शिकार लोगों को दुर्गा पूजा से पहले मुआवजा देने का ऐलान कर दिया।यानी तृणमूल शीर्ष नेतृत्व ने पूरा मामला सलटा दिया था,जिसे एक झटके से खोल दिया इस मामले के खास अभियुक्त कुणाल घोष ने जिसे दीदी का संरक्षण मिला हुआ था। ऐसा उन्होंने आखिर क्यों किया,इसका अभी पता नहीं चला।


अनुव्रत से नाराजगी महंगी


शताब्दी राय की बीरभूम में जिलाध्यक्ष अनुव्रत मंडल से ठनी हुई है  तो उनके तेवर समझ में आते हैं। वे अनुवर्त के खिलाफ शुरु से कार्रवाई की माग करती रही,जिसकी कोई सुनवाई नहीं हुई,इसलिए उनकी नाराजगी की वाजिब वजह भी है। ताज्जुब तो परदे पर उनके जोड़ीदार सांसद तापस पाल के बागी तेवर अपनाने पर हैं, जो दीदी की आक्रामक दस्ते के नियमित सदस्य हैं।जाहिर है कि अनुव्रत से शताब्दी की जाहिर नाराजगी महंगी पड़ सकती है बांग्ला फिल्मों और जात्रा की इस सांसद जोड़ी को।


कार्रवाई करने वाला भी अभियुक्त


मजे की बात तो यह है कि शारदा कांड के सिलसिले में तीनों सांसदों के खिलाफ कार्वाई करने की पहल पूर्व रेलमंत्री मुकुल  राय ने की,जिनपर शारदा मीडिया समूह हड़पने से लेकर सुदीप्त के साथ साजिशाना गठजोड़ का भी आरोप है।


चार घंटे पूछताछ के बाद फिर कुणाल के आरोप


अब हुआ यह कि रक्तदान शिविर में बागी तेवर दिखाने वाले तृणमूल सांसद कुणाल घोष से साल्टलेक पुलिस कमिश्नरेट ने शारदा कांड में उनकी संलिप्तता के बारे में चार घंटे पूछताछ की। कल भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पूछताछ के बाद पुलिस मुख्यालय ने बाहर निकले कुणाल ने फिर आरोप लगाया कि उनके खिलाफ षडयंत्र रचा जा रहा है। सोमेन के रक्तदान शिविर में  उन्होंने अपनी जान पर खतरे की आशंका प्रकट की थी। तृणमूल सांसद कुणाल घोष ने बताया कि रात ही साल्टलेक पुलिस आयुक्त ने उन्हें फोन किया और शनिवार 11 बजे हाजिर होने का निर्देश दिया।


अलग बैठेंगी शिखा


इसी बीच चौरंगी से तृणमूल विधायक और नेतृत्व से नाराज चल रही शिखा मित्रा के खिलाफ पार्टी की कड़ी कार्रवाई का संकेत मिला है। उन्हें विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के विधायकों से अलग बैठाने की भी तैयारी चल रही है। सरकार इस बारे में विस स्पीकर को पत्र देने जा रही है। शिखा के पति और हेवीवेट नेता माने जाने वाले तृणमूल सांसद सौमेन मित्र के नेतृत्व में कल कुणाल घोष सहित शताब्दी और तापस ने आस्था जताई थी।


सीबीआई जांच की मांग की थी कुणाल ने


बहुचर्चित रक्तदान शिविर में शुक्रवार को सांसद कुणाल घोष ने मांग की थी कि घोटाले में सामने आए और शारदा ग्रुप के सीएमडी सुदीप्तो सेन के परिचित सभी नामों से सीबीआई पूछताछ करे। घोष ने कहा, 'मैं इसमें शामिल हूं या नहीं, सीबीआई जरूरत पड़ने पर इसकी जांच कर सकती है।'


संयोग

संयोग है कि इसी बयान के बाद पश्चिम बंगाल में शारदा चिटफंड घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करने वाले तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष से पूछताछ के लिए पुलिस ने शनिवार को समन जारी किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोष ने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व का एक हिस्सा उन लोगों की अनदेखी करने का प्रयास कर रहा है, जिन्होंने तृणमूल के विकास के लिए कुर्बानी दी।


पूरा सहयोग

बिधान नगर आयुक्त कार्यालय में आए घोष ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें उपायुक्त (खुफिया विभाग) की ओर से तलब किया गया है। उपायुक्त ने उन्हें शुक्रवार को फोन किया था। सांसद ने कहा, 'उनकी फोन कॉल के जवाब में मैं यहां आया हूं। मैं पुलिस के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार हूं। मैंने पहले भी कहा है कि मुझे जहां कहीं बुलाया जाएगा मैं जाऊंगा।'


मुख्यमंत्री पर भरोसा


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस में पूरा भरोसा जताते हुए घोष ने कहा कि उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, क्योंकि उन पर राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं।


कारण बताओ नोटिस


तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी की बागी विधायक शिखा मित्रा के साथ मंच साझा करने के बाद पार्टी के तीन सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया। उनमें से एक कुमाल घोष ने सीधे नेतृत्व के एक हिस्से पर निशाना साधा।तो सांसद शताब्दी राय ने भागी शिखा मित्र के नाम जिंदाबाद के नारे लगाये। तापस पाल ने मोकापरस्तों की खबर ली।बंगाली फिल्म अभिनेत्री से नेता बनी तृणमूल सांसद शताब्दी राय ने शिखा की यह कहते हुए तारीफ की कि उनमें सच बोलने का साहस है। शताब्दी बीरभूम जिले से तृणमूल सांसद हैं।



मुकुल राय उवाच


तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल राय ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस की अनुशासन समिति ने तीन सांसदों कुणाल घोष, शताब्दी राय और तापस पाल को पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया। कारण बताओ नोटिस की तामील एक या दो दिन में की जाएगी।'


अंदरुनी मामला


तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसदों के बगावती तेवर और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी होने पर शुरू राजनीतिक अटकलों पर विराम देने की कोशिश करते हुए पार्टी ने इसे अंदरूनी मसला कहा है। महासचिव मुकुल राय ने शनिवार कहा कि सांसदों को पार्टी विरोधी क्रियाकलापों के लिए अनुशासनात्मक समिति की ओर से नोटिस भेजा गया है, उनसे जवाब मांगा गया है, यह हमारी पार्टी का अंदरुनी मामला है।


अब सुदीप्तो का भी कहना है


इसी बीच चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप के चेयरमैन सुदीप्तो सेन ने न्यायमूर्ति श्यामल कुमार सेन आयोग से अपील की है कि वह उनकी संपत्ति को बेच कर निवेशकों की बकाया राशि चुकाने का इंतजाम करें। उन्होंने दावा किया कि उनकी परिसंपत्ति जमाकर्ताओं का बकाया चुकाने के लिए काफी है।आयोग के समक्ष सेन की गवाही का विवरण देते हुए न्यायमूर्ति सेन ने संवाददाताओं से कहा कि कंपनी के संस्थापक प्रमोटर ने दावा किया है कि उनके पास जितनी अचल संपत्ति और वाहन हैं वे सभी जमाकर्ताओं को उनकी बकाया राशि अदा करने के लिए पर्याप्त हैं।

160 कंपनियों के 12 प्रमुख

सेन ने आयोग को यह भी बताया कि कुल 160 कंपनियों में से केवल 12 प्रमुख कारोबार में लिप्त थीं और उनमें से मात्र चार वित्तीय कारोबार से जुडी हुई थीं। वित्तीय एवं अचल संपत्ति का कारोबार देखने वाले अपने अधिकारियों की सूची देते हुए सेन ने कहा कि उन्हें वित्तीय एवं अचल संपत्ति के मामलों की विस्तृत जानकारी के बारे में याद नहीं है, लेकिन तरुण राय और अभिषेक विश्वास सहित उनके अधिकारियों से पूछताछ से विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।वित्तीय कारोबार से जुडी चार प्रमुख कंपनियों में शारदा कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, शारदा रियलटी इंडिया लिमिटेड, शारदा गार्डन ऐंड रिसॉर्ट इंडिया लिमिटेड और शारदा टूर्स ऐंड ट्रैवल्स कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।इसके अलावा सिलिगुड़ी इलाके में दो स्कूल स्थापित करने के लिए 25 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। उनकी कंपनी के पतन के बाद दोनों स्कूलों के प्रबंधन द्वारा बनाई गई समितियां अभी भी अच्छी तरह उन स्कूलों का संचालन कर रही हैं।न्यायमूर्ति सेन ने कहा कि अपनी गवाही में शारदा ग्रुप के अध्यक्ष ने कहा कि वह पहले ही कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ के समक्ष हलफनामा दायर कर अपील कर चुके हैं कि उनकी संपत्ति बेच कर जमाकर्ताओं की राशि चुका दी जाए।


मुख्यमंत्री का वायदा


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दुर्गापुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अंडाल में काजी नजरूल इस्लाम हवाई अड्डे का नामकरण किया। साथ ही दुर्गापुर के सृजनी सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। अंत में उन्होंने कांकसा में सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कई योजनाओं का उद्घाटन भी किया। अंडाल व कांकसा में सभाओं को संबोधित भी किया।


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चिटफंड घोटाला के सामने आने पर सरकार ने एक आयोग का गठन किया है। साथ ही सरकार ने पांच सौ करोड़ रुपये भी पीड़ितों को देने की घोषणा की है। आयोग के निर्देश पर अक्टूबर माह से लोगों को रुपया देने का काम शुरू करने की योजना है। ताकि पूजा के दौरान लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिल सके।


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