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THE HIMALAYAN DISASTER: TRANSNATIONAL DISASTER MANAGEMENT MECHANISM A MUST

We talked with Palash Biswas, an editor for Indian Express in Kolkata today also. He urged that there must a transnational disaster management mechanism to avert such scale disaster in the Himalayas. http://youtu.be/7IzWUpRECJM

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

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Monday, May 25, 2015

हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम

हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम



Drink-and-Decideनरेंद्र सिंह नेगी अपने गीतों से उत्तराखंड के  समाज का यथार्थ हमारे सामने रखते रहे हैं। समय समय पर उन्होंने उत्तराखंड की राजनीति पर भी करारे व्यंग्य कसे हैं। आज हम आपके सामने ऐसा ही एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जिसमें चुनाव के समय बड़ी बड़ी राजनैतिक पार्टियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिये शराब व धन के प्रयोग के ऊपर व्यंग्य है।

किस प्रकार लगभग सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने ले लिये विभिन्न हथकंडे अपनाते हैं और चुनावी माहौल में मतदाता को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं और कैसे चुनाव के बाद मतदाता फिर पुरानी अवस्था में लौट जाता है,उसी स्थिति का वर्णन इस गीत में किया गया है। विभिन्न पार्टियों के चुनाव चिंन्हों के द्वारा इस गीत का ताना-बाना बुना गया है।

इस गीत का ऑडियो-वीडियो हिमालयन फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत किया गया है।

भावार्थ : मतदाता आपस में बात करते हुए कहते हैं कि हाथ (कांग्रेस) ने हमें व्हिस्की पिलाई और फूल (भाजपा) ने रम पिलायी। छोटे दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने कच्ची दारू में टरकाया हमको। वाह! ऐसे चुनाव में तो हमारे मजे ही मजे हैं, दारू और रुपया ठमाठम मिलता है।

सुबह का पैग हम घड़ी (एन.सी.पी.) के साथ पीते हैं तो दोपहर का साइकिल (सपा) में चढकर
शाम को कुर्सी (उक्रांद) में धराशायी होते हैं रात को हाथी (बसपा) में बैठ कर तड़ी (रौब) दिखाते हैं।वाह! ऐसे चुनाव में तो हमारे मजे ही मजे हैं,हम घोड़े में चढे हुए हैं और प्रत्याशी पैदल चल रहे हैं।

maya-ko-mundaro-coverयह नेतागण पल-पल में दल बदलते रहते हैं, आज इस दल में हैं तो कल उस दल में, ठीक उसी तरह आजकल हमारी भी दारू (शराब) का ब्रांड बदल रहा है। कभी सोडा में, कभी कोक में तो कभी गंगाजल में हमें शराब परोसी जा रही है। ऐसे चुनाव में तो भई ऐश ही ऐश है, जिसमें देशी, विदेशी, लोकल हर तरह की दारू हजम हो जाती है।

क्या लोकतंत्र है आजकल….. हमारे खाने के लिये मुर्गों की टांग है, बकरों की रान है, हाथ में सिगरेट है और मुंह में पान है। दीर्घजीवी हो हमारा ये ऐसा लोकतन्त्र जिसके प्रताप से ही गरीबों की शान है। हमें पहले पता नहीं था लेकिन अब चल गया है कि वोट की चोट में कितना दम है।

लो भई निपट गया चुनाव, सरकार भी बन गई, किसी का घर बसा तो कोई बर्बाद हो गया। अब नहीं दिखते पिलाने वाले कहीं, खाली हो गई बोतल और सारा नशा उतर गया। सफाचट (एन.डी. तिवारी) के राज में मौज ही मौज थी, मूंछ वाले (खण्डूरी) के राज में तो सब सुख गायब ही हो गये।

गीत के बोल देवनागिरी में

हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम, हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम
छोटा दल निर्दली दिदोन कच्ची मा टरकायां हम, छोटा दल निर्दली दिदोन कच्ची मा टरकायां हम
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा हो हो हो
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा, दारू भी रुपया भी ठम्म ठम्म
हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम,हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम

सबेर पैक पे घडी दगडी, दिन का पैक साईकिल मा चडी
दिन का पैक साईकिल मा चड़ी,दिन का पैक साईकिल मा चड़ी
ब्याखुनी खुर्सी मा तम् तम् पड़ी, राती कु हाथी मा बैठी की तड़ी
राती कु हाथी मां बैठी की तड़ी, राती कु हाथी मां बैठी की तड़ी
ऐंसू चुनाव मा ठाट ही ठाट हो हो हो
ऐंसू चुनाव मा ठाट ही ठाट, प्रत्यासी पैदल आर घोड़ा मा हम
हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम,हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम

आज ये दल मा भोल वे दल मा, दल बदली नेतोन हर पल मा
दल बदली नेतोन हर पल मा, दल बदली नेतोन हर पल मा
हमारी भी दारू का ब्रांड बदलेनी, कभी सोडा कोक मा कभी गंगाजल मा
कभी सोडा कोक मा कभी गंगाजल मा, कभी सोडा कोक मा कभी गंगाजल मा
ऐंसू चुनाव मा ऐश ही ऐश हो हो हो
ऐंसू चुनाव मा ऐश ही ऐश, देश बिदेश लोकल अजम
हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम, हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम

मुर्गों की टांग च बखरों की रान च, हाथ मा सिगरेट गिच्चा मा पान च
हाथ मा सिगरेट गिच्चा मा पान च,हाथ मा सिगरेट गिच्चा मा पान च
जुगराज रै मेरा लोकतंत्र, तेरा प्रताप गरीब किसान च
तेरा प्रताप गरीबुं कि शान च,तेरा प्रताप गरीबुं कि शान च
पैली नि छौ पता अब चलिगे हो हो हो
पैली नि छौ पता अब चलिगे,भोट की चोट मा कदगा दम
हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम, हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम

हवेगे चुनाव सरकार बणीगे, क्वी मवाशी बणी क्वी उजिडिगे
क्वी मवाशी बणी क्वी उजिडिगे, क्वी मवाशी बणी क्वी उजिडिगे
अब नि दिखेणा पीलोंण वोला कखी, खाली हवे बोतल नशा उड़िगे
खाली हवे बोतल नशा उड़िगे, खाली हवे बोतल नशा उड़िगे
चिफ्ला का राज कई मौज करेनी हो हो हो
चिफ्ला का राज कई मौज करेनी, जुंगो का राज मा ठम्म ठम्म
हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम, हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम
छोटा दल निर्दली दिदोन कच्ची मा टरकायां हम, छोटा दल निर्दली दिदोन कच्ची मा टरकायां हम
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा हो हो हो
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा, दारू भी रुपया भी ठम्म ठम्म
हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम, हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम
हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम, हाथन हुसकि पिलाई फूलन पिलायो रम

गीत :

इस गीत का चुनाव व हिन्दी अर्थ हमारे सदस्य और लेखक हेम पंत का है।

अपना उत्तराखंड में उत्तराखंड से संबंधित गीत केवल उत्तराखंड के संगीत को बढ़ावा देने के लिये हैं। यदि आपको यह पसंद आयें तो निवेदन है कि बाजार से इन्हे सीडी या कैसेट के रूप में खरीद कर उत्तराखंडी संगीत को बढ़ावा दें। हम यथा-संभव सीडी या कैसेट की जानकारी देने का प्रयास करते हैं। यदि आपको इससे संबंधित जानकारी हो तो क़ृपया टिप्पणी में बतायें।

You can get many such songs in our forum and download Kumaoni/Garhwali songsthrough the links provided there.

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